Tuesday, October 13, 2009

Press vs People



आज मीडिया में दिखाए जाने वाली खबरों को लेकर हमेशा सवाल उठाए जाते हैं,कि मिडीया क्या दिखा रहा है,किस तरह की खबरें दिखाई जा रहीं हैं। मिडीया का स्तर गिरता जा रहा है। मैं आप से सहमत हूं,कि आज का मिडीया गैरजिम्मेदार हो गया है। लेकिन मैं आप से एक सवाल पूछना चाहता हूं,कि इसके लिए जिम्मेदार कौन है:चैनल या फिर हम दर्शक?। हम लोग ही तो एसे दिखाने के लिए मजबूर करते हैं। सच का सामना शो ने पहले ही दिन रिकॉर्ड तोड़ दिया। हिट तो हम दर्शकों ने किया... फिर चैनल को दोष क्यों दिया जा रहा है। चाहते तो हम इस शो को न देख कर इसको धुल चटा सकते थे,जिससे आने वाले समय में इस तरह के शोज पर अपने आप ही रोक लग जाती...और कोई प्रोड्यूसर ऐसा कार्यक्रम बनाने कि हिम्मत नहीं जुटा पाता,लेकिन हमने ऐसा नहीं किया। हम दर्शक अच्छे कार्यक्रम देख कर अच्छे शोज को बढ़ावा क्यों नहीं देते। एक चैनल को बनाने में करोडों रुपय खर्च होते हैं। इंडिया टीवी के मालिक रजत शर्मा जी को कहते हुए सुना था, कि जब चैनल शुरु किया गया था तो गम्भीर खबरों को दिखाया गया था लेकिन दर्शकों ने इन की खबरों को महत्व नहीं दिया और चैनल इतने घाटे में चला गया,कि जिंदगी भर की कमाई चली गई और वो दिन दूर नहीं था,कि जब वो फुटपाथ पर आ जाते और फिर मजबूरी में उनको भूत प्रेत का सहारा लेना पड़ा,दूसरा उदाहरण मैं आप लोगों को NDTV इंडिया को देता हूं। NDTV इंडिया सालों से गम्भीर खबरें दिखाता आया है,लेकिन हम दर्शकों ने उस चैनल की गम्भीरता को कोई महत्व नहीं दिया और चैनल पिछड़ने लगा। चाहते तो हम दर्शक इसकी खबरों को देख कर सबसे उंचा पहुंचा देते,और ऐसा मानक सेट करते की सारे चैनलों को मजबूरी में देश और समाज से जुड़ी खबरें दिखानी पड़ती,लेकिन दर्शको को ये सब रास नहीं आता और दर्शकों ने साबित कर दिया की हमें भूत प्रेत ही देखना है,हमें तो राखी सावंत को देखना है..करीना और सैफ की किस का किस्सा सुनने में ही मजा आता है। आज गौर किया जाए तो NDTV इंडिया भी अब देश और दुनिया या फिर समाज से जुड़ी खबरों के साथ ही साथ यू ट्यूब विडियो के मनोरजन से भरे को क्लिप दिखाने लगा है। खबरों से समझौता शुरु हो गया है। हम लोगों ने उस को मजबूर कर दिया है कि अगर चैनल चलाना है तो आप को भी भूत प्रेत या मसाला टाईप का कुछ आइटम पेश करना ही होगा,तभी चैनल चल पाएगा। सो NDTV इंडिया टावी भी अब खबरों के साथ खेल रहा है। उसे भी दर्शकों का टेस्ट पता है। उसके पास भी दर्शक के लिए अच्छा मैनू है। वो वही परोसेगा दो दर्शक देखना चाहेगा। इसके लिए जिम्मेदार कौन है चैनल या फिर हम दर्शक। रिमोट आप के हाथ में है। चुनाव आप को करना है।

विष्णु सोनी

No comments: